Measles: इन तीन राज्यों में बढ़ रहा खसरे का प्रकोप, केंद्र ने भेजी डॉक्टरों की स्पेशल टीम

Aajtak | 5 days ago | 23-11-2022 | 06:59 pm

Measles: इन तीन राज्यों में बढ़ रहा खसरे का प्रकोप, केंद्र ने भेजी डॉक्टरों की स्पेशल टीम

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने खसरे के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अब बड़ा कदम उठाया है. जिसमें रांची (झारखंड), अहमदाबाद (गुजरात) और मलप्पुरम (केरल) में तीन उच्च-स्तरीय बहु-विषयक 3-सदस्यीय टीमों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है. ये टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को स्थापित करने में राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरणों की सहायता करेंगी. दरअसल, ये बीमारी तेजी से बच्चों में फैल रही है. जिसके कारण कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है.जानकारी के मुताबिक रांची जाने वाली केंद्रीय टीम में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), नई दिल्ली और राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएलएच), नई दिल्ली के विशेषज्ञ शामिल हैं. PHO, मुंबई, कलावती सरन चिल्ड्रेन हॉस्पिटल (KSCH), नई दिल्ली और क्षेत्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण कार्यालय (RoHFW), अहमदाबाद के विशेषज्ञ अहमदाबाद जाने वाली केंद्रीय टीम में शामिल होंगे और मलप्पुरम की टीम में RoHFW, तिरुवनंतपुरम, जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), पांडिचेरी और लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC), नई दिल्ली के विशेषज्ञ शामिल होंगे.वहीं वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक, RoHFW, झारखंड, गुजरात और केरल इन सभी जगहों पर जाकर संबंधित टीमों के साथ समन्वय करेंगे. दरअसल, उपरोक्त तीन शहरों में रिपोर्ट किए जा रहे चेचक के बढ़ते मामलों के प्रबंधन के लिए टीमें सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों, प्रबंधन दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल के संदर्भ में प्रकोप की जांच करने और राज्य के स्वास्थ्य विभागों की सहायता करने के लिए क्षेत्रों का दौरा भी करेंगी. टीम क्षेत्र में सक्रिय मामलों का पता लगाने के लिए राज्यों के साथ-साथ लोगों के टेस्ट के लिए वीआरडीएल (लैबों) के साथ भी समन्वय करेगी.क्या है खसरा?बता दें कि खसरा एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, जो खसरा वायरस की वजह से होती है. दरअसल, जब ये वायरस किसी को अपनी चपेट में लेता है तो उसे बुखार, शरीर पर चकत्ते, कान में संक्रमण, दस्त औरन निमोनिया जैसी बिमारियां घेर लेती हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक संक्रमण दस दिनों तक रह सकता है. इस गंभीर बीमारी से कई बच्चों की मौत भी चुकी है.

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