Gujarat: 32 साल से पबुभा मानेक का अभेद्य किला है 'द्वारका', कांग्रेस निर्दलीय या BJP जिस पार्टी से लड़े जीते

Jagran | 5 days ago | 24-11-2022 | 02:30 am

Gujarat: 32 साल से पबुभा मानेक का अभेद्य किला है 'द्वारका', कांग्रेस निर्दलीय या BJP जिस पार्टी से लड़े जीते

द्वारका, एएनआई। गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 (Gujarat Assembly Election 2022) के परिणाम किसके पक्ष में होंगे? इस सवाल का जवाब देना अभी मुश्किल है, लेकिन भाजपा द्वारका विधानसभा सीट को लेकर आश्वस्त है कि ये उसकी झोली में ही गिरेगी। द्वारका विधानसभा सीट जीतने को लेकर भाजपा के विश्वास की वजह है पबुभा मानेक, जिन्हें 32 साल से कोई हरा नहीं पाया है।आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों में द्वारका विधानसभा सीट को बीजेपी के लिए सबसे सुरक्षित दांव माना जाना चाहिए। पबुभा मानेक पिछले 32 सालों में एक भी चुनाव नहीं हारे हैं। भाजपा ने मानेक को तीसरी बार पार्टी के लिए सीट जीतने का जिम्मा सौंपा है। मानेक, जो 1990 के बाद से कभी कोई चुनाव नहीं हारे, निर्दलीय (1990, 95, 98) के रूप में पहले तीन चुनाव जीते, फिर कांग्रेस में शामिल हो गए और 2002 में सीट जीती। बाद में, उन्होंने 2007, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर जीते हैं।मानेक ने द्वारका निर्वाचन क्षेत्र में सभी समुदायों के समर्थन और स्नेह का दावा करते हुए कहा कि वह इतने लंबे समय से 'चयनित' हो रहे हैं 'निर्वाचित' नहीं। उन्होंने कहा, 'देखिए, चुनाव में जनता मुझे चुनती है, मैं निर्वाचित नहीं होता हूं। मैं द्वारका सीट से पिछली 8 बार से जीत रहा हूं। इनमें से 3 बार मैं निर्दलीय चुनाव लड़ा, तब भी जनता ने मुझे चुना। एक बार कांग्रेस और इसके बाद भाजपा के उम्मीदवार के रूप में मैंने द्वारका सीट से चुनाव लड़ा और हर बार क्षेत्र की जनता के सभी समुदायों का मुझे प्यार मिला है।Gujarat Vidhan Sabha Chunav 2022: सूरत में इनोवा कार से मिले 75 लाख रुपये, पुलिस को देखकर भागे कांग्रेस नेता यह भी पढ़ें इस बार गुजरात में आम आदमी पार्टी भी पूरा जोर लगा रही है। उधर, कांग्रेस पार्टी ने भी पिछली बार गुजरात विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन किया था। ऐसे में भाजपा के लिए क्या चुनौतियां बढ़ नहीं गई हैं? मानेक कहते हैं, 'अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी जिसने राज्य में मुफ्त बिजली, 18 वर्ष से ऊपर की सभी महिलाओं के लिए 1,000 रुपये का मासिक भत्ता आदि सहित कई मुफ्त की रेवडि़यां बांटने का वादा किया है, वो गुजरात में काम नहीं करेगा। गुजरात के लोग मुफ्त की रेवडि़यां नहीं, बल्कि 'अपनी आजीविका कमाने' में विश्वास करते हैं।Morbi Bridge Case: सभी पुलों का कराएं सर्वे, डबल करें मुआवजा राशि- राज्य सरकार को हाई कोर्ट की फटकार यह भी पढ़ें Fact Check: हिमाचल और गुजरात चुनाव के Exit Poll पर गुजरात चुनाव के खत्म होने तक प्रतिबंधGujarat Chunav 2022: गुजरात में सबसे कम उम्र में MLA बनने का रिकॉर्ड, कौन हैं गृह मंत्री हर्ष सांघवी? यह भी पढ़ें मानेक कहते हैं कि कांग्रेस का भी गुजरात में कुछ नहीं बन पाएगा, क्योंकि राज्य का युवा भारतीय जनता पार्टी में अपना भविष्य देख रहा है। भाजपा ने युवाओं के लिए भविष्य को संवारने के लिए कई काम किए हैं। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी राज्य में तेजी से काम हो रहा है।गुजरात में 1 और 5 दिसंबर को दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव के परिणाम 8 दिसंबर को आएंगे। भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सभी अपनी जीत का दावा कर रही हैं।Gujarat Election 2022: गुजरात के पालनपुर की रैली में बोले पीएम मोदी- 'जब भी यहां आता हूं 5P पर देता हूं ध्यान' यह भी पढ़ें इसे भी पढ़ें: कम प्रभावी दवाओं से बढ़ेगा महामारी का खतरा, डिजीज एक्स को लेकर साइंटिस्टों में बढ़ी चिंता

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