Gujarat Assembly Elections 2022: इस गांव में वोट ना देने पर 51 रुपये जुर्माना, चुनाव प्रचार पर है पूरी तरह रोक

Jagran | 6 days ago | 23-11-2022 | 06:22 am

Gujarat Assembly Elections 2022: इस गांव में वोट ना देने पर 51 रुपये जुर्माना, चुनाव प्रचार पर है पूरी तरह रोक

राजकोट, एजेंसी। Gujarat Vidhan Sabha Chunav 2022:गुजरात के राजकोट जिले के एक गांव राज सामधियाला में चुनाव प्रचार के लिए किसी भी राजनीतिक पार्टी को गांव में आने की अनुमति नहीं है। साथ ही वोट ना देने वाले शख्स पर 51 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रविधान है। गांव के सरपंच ने कहा कि राजनीतिक दलों को प्रवेश ना देने का नियम 1983 से लागू है, लेकिन यहां वोट देना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर 51 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है।Gujarat: 32 साल से पबुभा मानेक का अभेद्य किला है 'द्वारका', कांग्रेस निर्दलीय या BJP जिस पार्टी से लड़े जीते यह भी पढ़ें गांव के सरपंच के अनुसार इसको लेकर गांव में नोटिस बोर्ड लगे हैं जिन पर चुनाव में राजनीतिक दलों के नेताओं की गांव में नो इंट्री और वोट न देने पर 51 रुपये जुर्माने को लेकर जानकारी चस्पा है। हर बार की तरह इस बार होने वाले विधानसभा चुनाव में भी ग्राम सरपंच ने आदेश दिया है कि सभी ग्रामीणों को वोट देना अनिवार्य है। अगर वोट नहीं डाला तो जुर्माना लगाया जाएगा।Gujarat Vidhan Sabha Chunav 2022: सूरत में इनोवा कार से मिले 75 लाख रुपये, पुलिस को देखकर भागे कांग्रेस नेता यह भी पढ़ें राज समाधियाला गांव के स्थानीय लोग ग्राम विकास समिति (वीडीसी) की ओर से बनाए गए नियमों का गांव के लोग सख्ती से पालन करते हैं। गांव के लिए बनाए गए नियमों में से एक चुनाव नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाता है। इनमें से किसी भी नियम को भी तोड़ने पर जुर्माना लगाया जाता है। राजकोट के राजसमाधियाला गांव के सख्त नियमों के चलते अक्सर यह गांव चर्चाओं में रहता है।Morbi Bridge Case: सभी पुलों का कराएं सर्वे, डबल करें मुआवजा राशि- राज्य सरकार को हाई कोर्ट की फटकार यह भी पढ़ें गांव के लोगों का मानना है कि चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों के चुनाव प्रचार से गांव का वातावरण प्रदूषित होगा। गांव में गंदगी होगी और इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा। भले ही इस गांव में नेताओं के चुनाव प्रचार पर रोक हो लेकिन गांव की कोशिश रहती है कि उनके यहां शत-प्रतिशत मतदान हो। पिछले आंकड़ों की बात करें तो गांव में 95 प्रतिशत से अधिक मतदान होता है।Gujarat Chunav 2022: गुजरात में सबसे कम उम्र में MLA बनने का रिकॉर्ड, कौन हैं गृह मंत्री हर्ष सांघवी? यह भी पढ़ें गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार ऐसे कम से कम सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जो पांच या इससे अधिक बार विधायक रह चुके हैं। इनमें से सत्तारूढ़ भाजपा ने ऐसे पांच नेताओं को एक और कार्यकाल के लिए मैदान में उतारकर उन पर विश्वास जताया है, जबकि एक नेता टिकट न मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा द्वारा मैदान में उतारे गए पांच उम्मीदवारों में योगेश पटेल (मांजलपुर सीट), पबुभा माणेक (द्वारका), केशु नकरानी (गरियाधर), पुरुषोत्तम सोलंकी (भावनगर ग्रामीण) और पंकज देसाई (नडियाद) शामिल हैं। उनके अलावा, भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के संस्थापक छोटू वसावा और भाजपा द्वारा टिकट से वंचित रखे गए मधु श्रीवास्तव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।Gujarat Election 2022: गुजरात के पालनपुर की रैली में बोले पीएम मोदी- 'जब भी यहां आता हूं 5P पर देता हूं ध्यान' यह भी पढ़ें Gujarat Election: पीएम मोदी ने पूछा, राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस ने आदिवासी महिला का क्यों नहीं किया समर्थन

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