Environment Ministers Conference: पीएम मोदी ने किया अर्बन नक्सल की पूरी गैंग का पर्दाफाश, कहा- विकास विरोधियों से रहें सतर्क

Jagran | 1 day ago | 23-09-2022 | 09:19 am

Environment Ministers Conference: पीएम मोदी ने किया अर्बन नक्सल की पूरी गैंग का पर्दाफाश, कहा- विकास विरोधियों से रहें सतर्क

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पर्यावरण की आड़ में विकास कार्यों में बेवजह अड़ंगेबाजी करने वालों से बचने की सलाह देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ऐसे लोग अर्बन नक्सल हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण मंजूरी के नाम पर देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण को कैसे उलझाया जाता है, यह उन्होंने देखा है। गुजरात में नर्मदा नदी पर बना सरदार सरोवर बांध इसका उदाहरण है, जिसे अर्बन नक्सलियों और विकास विरोधियों ने कैसे सालों तक रोक रखा था। इसके खिलाफ जमकर दुष्प्रचार किया। इसे पर्यावरण विरोधी बताया। इससे देश का कितना पैसा बर्बाद हो गया। हालांकि इनके झूठ पकड़े गए लेकिन वह इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं क्योंकि इन्हें कुछ लोगों की ओर से राजनीतिक समर्थन मिल जाता है।पीएम मोदी ने ये बातें गुजरात के एकता नगर में आयोजित राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कहीं। उन्होंने कहा कि विकास विरोधी और अर्बन नक्सल आज भी चुप नहीं हैं। उनके खेल अभी भी जारी हैं, लेकिन ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। हमें पर्यावरण से किसी भी तरह का समझौता किए बगैर एक समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहिए।पीएम ने इस दौरान अर्बन नक्सल की पूरी गैंग का पर्दाफाश किया और बताया कि देश के विकास को रोकने के इस खेल में कई ग्लोबल इंस्टीट्यूट व कई फाउंडेशन भी सक्रिय हैं, जो ऐसे विषयों को पकड़ कर तूफान खड़ा कर देते हैं। इसके बाद अर्बन नक्सल उनको मुद्दा बनाकर काम रुकवा देते हैं। इनकी साजिश इतनी गहरी होती है कि यह विश्व बैंक और न्यायपालिका तक को प्रभावित कर देते हैं। उन्होंने बताया कि इनके इस दुष्प्रचार के चलते जिस सरदार सरोवर डैम का शिलान्यास आजादी के तुरंत बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था, वह उनके कार्यकाल में पूरा हुआ था।पीएम मोदी ने बताया कि गुजरात में अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान चेक डैम का एक अभियान शुरू किया था। लेकिन वन मंत्रालय ने इस पर रोक लगा दी। बाद में हमने वन मंत्रालय को ही वह काम दे दिया। और कहा कि आप ही चेक डैम बनाइए, पानी बचाइए और जंगल को ताकत दीजिए। बड़ी मुश्किल से वह काम हो पाया।पीएम ने इस मौके पर पर्यावरण मंजूरी का भी मुद्दा उठाया और कहा कि मौजूदा समय में राज्यों में छह हजार से भी ज्यादा पर्यावरण मंजूरी के मामले लंबित हैं। इसी तरह फारेस्ट क्लीयरेंस के भी करीब साढ़े छह हजार प्रोजेक्ट के आवेदन लटके हैं। लेकिन आज के तकनीकी युग में क्या यह देरी सही है। उन्होंने कहा कि आठ साल पहले केंद्र में मंजूरी के लिए छह सौ से ज्यादा दिन लगते थे, लेकिन अब तकनीक की मदद वह सिर्फ 75 दिन में ही हम क्लीयर कर रहे हैं। पीएम ने इस मौके पर सर्कुलर इकोनामी, एथनाल ब्लेंडिंग, जंगल में लग रही आग और पीएम गति शक्ति जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से रखा।इसे भी पढ़ें: PM Modis call to Jaishankar: जब आधी रात के बाद जयशंकर के पास आया पीएम मोदी का फोन, पूछा- जागे होइसे भी पढ़ें: पीएम मोदी ने क्वीन के निधन पर दुख जताया, कहा- सार्वजनिक जीवन में एलिजाबेथ द्वितीय ने दिया गरिमा और शालीनता का परिचय

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